बहे जाओ अगर धारो में तुम इस ज़िन्दगी की तो
मेरी मानो किनारो पे सम्हलना भूल जाओगे
सदा ये याद रखना के तुम इन्सां हो मेरे प्यारो ,चलाओ पैर नदिया में नही तो डूब जाओगे
पैठ गहराइयो में सीपियाँ पायी तो क्या पाया ,
अगर मंथन करो तो और कितने रत्न पाओगे
हलाहल से अगर घबरा के कोशिश छोड़ बैठे तुम ,मेरे प्यारे तो अपने यत्न सारे व्यर्थ पाओगे
This is really inspiration one.....!!!!
ReplyDeleteCheers Dude